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ग्वालियर स्थित लाल टिपारा गौशाला में 100 टन गोबर से बनाये गये 20 फीट ऊंचे गोवर्धन एवं गिर्राज धरण।

 

ग्वालियर की लाल टिपारा स्थित मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी आदर्श गौशाला में बुधवार को 100 टन गोबर से 20 फीट ऊंचा गोवर्धन पर्वत एवं गिर्राज धरण बनाकर गोवर्धन उत्सव धूमधाम से मनाया गया। उक्त अवसर पर ग्वालियर नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल ने पूजा अर्चना कर गोवर्धन और गिर्राज धरण भगवान से गायों को लंपी वायरस से सुरक्षित करने की प्रार्थना की।

इसके बाद लम्पी वायरस की बीमारियों से बचाव के लिये गौ शाला की गायों को आयुर्वेदिक लड्‌डू खिलाये गये जिससे उनका बचाव हो सके। उसके बाद बड़ी संख्या में गौ सेवकों तथा संम्भ्रांत नागरिकों ने पूजा कर अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण किया। गोवर्धन पूजा का महत्व गाय, पर्वत, नदियां, प्रकृति आदि की रक्षा एवं पूजा करने से है। यह पर्व मनुष्य को प्रकृति की रक्षा व उसकी पूजा करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर श्री कृष्णायन गौशाला के महंत श्री अच्चुदानंद जी महाराज सहित बड़ी संख्या में गौ सेवक उपस्थित रहे। गौशाला में प्रतिवर्ष होने वाली गोवर्धन पूजा को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं।

गौशाला के संरक्षक श्री ऋषभ देव आनंद महाराज ने अपनी देखरेख में इस विशाल गोवर्धन पर्वत का निर्माण कराया है। इसमें 100 टन गोबर लगा है। इसे मथुरा के गोवर्धन पर्वत की तरह दर्शाया गया है। बैदिक विधि विधान से गोवर्धन पर्वत की पूजा कर गोवर्धन महाराज की परिक्रमा लगाई गई। गौशाला के संरक्षक संतों ने बताया कि लाल टिपारा स्थित गोशाला में हर साल दीपावली की पड़वा पर गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाता है। इसमें सनातन धर्म को मानने वाले और विभिन्न समाज सेवी संगठन के लोग बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।

 

 

 

 

गुर्जर महेंद्र नागर

प्रधान सम्पादक

9454933320

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